महिंद्रा कंपनी अपने नए विजन एस सब-4 मीटर एसयूवी को लेकर भारतीय ऑटो बाजार में खलबली मचा रही है। यह गाड़ी देखने में बेहद मजबूत और आकर्षक है। कंपनी ने इस कॉन्सेप्ट कार को 15 अगस्त 2025 को अपने फ्रीडम एनयू इवेंट में पहली बार दिखाया था। तब से लेकर अब तक यह कार लगातार टेस्टिंग के दौरान सड़कों पर नजर आ रही है।
डिजाइन: मिनी लैंड रोवर डिफेंडर जैसा लुक
महिंद्रा विजन एस को देखकर सबसे पहले जो बात दिमाग में आती है वो है इसका बॉक्सी और मस्कुलर डिजाइन। यह गाड़ी बिल्कुल मिनी लैंड रोवर डिफेंडर की तरह दिखती है। इसकी लंबाई 4 मीटर से कम है, जिससे यह कॉम्पैक्ट एसयूवी की कैटेगरी में आती है। गाड़ी का अपराइट स्टांस और सीधी-सपाट लाइनें इसे एक टफ और रगड लुक देती हैं।
फ्रंट में विजन एस को खास बनाने के लिए कंपनी ने कई खूबियां दी हैं। इसमें एक आयताकार काले रंग की ग्रिल है जिसमें हॉरिजॉन्टल स्लैट्स लगे हैं। बीच में महिंद्रा का नया ट्विन पीक लोगो लगा है। हेडलाइट्स का डिजाइन भी यूनिक है – इनवर्टेड एल-शेप में एलईडी हेडलाइट्स और वर्टिकल डीआरएल स्ट्रिप्स दिए गए हैं। इन सबसे गाड़ी का फ्रंट बहुत आक्रामक और स्टाइलिश नजर आता है।
बंपर पूरी तरह से काले रंग में है और इसमें पिक्सल-शेप एलईडी फॉग लैंप्स लगे हैं। साथ ही एक चमकदार सिल्वर स्किड प्लेट भी दी गई है जो गाड़ी को ऑफ-रोड वाला लुक देती है। विजन एस की साइड प्रोफाइल में पारंपरिक बॉक्सी एसयूवी सिल्हूट को मॉडर्न डिजाइन एलिमेंट्स के साथ मिलाया गया है।
साइड से देखने पर इसमें फ्लश-टाइप डोर हैंडल्स और ड्युअल-टोन अलॉय व्हील्स नजर आते हैं। स्क्वायर्ड व्हील आर्चेज में मोटी रबड़ क्लैडिंग लगी है जो इसे और भी रगड बनाती है। गाड़ी की छत, ए, बी और सी-पिलर्स को काले रंग में फिनिश किया गया है। पीछे की तरफ टेलगेट पर स्पेयर व्हील माउंट किया गया है जो इसकी ऑफ-रोड कैपेबिलिटी को दर्शाता है।
इंटीरियर: मॉडर्न और प्रीमियम केबिन
हाल ही में विजन एस के इंटीरियर की स्पाई तस्वीरें सामने आई हैं। इनसे पता चलता है कि महिंद्रा इस गाड़ी को अंदर से बेहद आधुनिक और प्रीमियम बना रही है। डैशबोर्ड का डिजाइन कॉन्सेप्ट मॉडल से काफी मिलता-जुलता है। इसमें यूनिक कर्व्ड एचवीएसी वेंट्स दिए गए हैं जो बाहर की तरफ निकले हुए हैं।
केबिन में तीन-स्पोक स्टीयरिंग व्हील है जिस पर माउंटेड कंट्रोल्स लगे हैं। डैशबोर्ड पर ड्यूअल डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम दिया गया है – एक इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के लिए और दूसरा इन्फोटेनमेंट सिस्टम के लिए। दोनों स्क्रीन के बीच में तीन वर्टिकल एसी वेंट्स लगे हैं जो डिजाइन को खास बनाते हैं।
सेंटर कंसोल में फिजिकल बटन्स की अच्छी संख्या दी गई है। इससे गाड़ी चलाते समय फीचर्स को कंट्रोल करना आसान होगा। गियर लीवर परंपरागत स्टाइल का है। जो टेस्ट म्यूल नजर आया है वो शायद मिड-स्पेक वेरिएंट है क्योंकि इसमें फैब्रिक सीट अपहोल्स्ट्री और मैनुअल एसी कंट्रोल्स दिए गए हैं।
विजन एस की सबसे खास बात है इसका फुल-लेंथ पैनोरामिक सनरूफ। यह ग्लास पैनल फ्रंट सीट से लेकर रियर सीट के हेडरेस्ट तक जाता है। सब-4 मीटर एसयूवी सेगमेंट में पैनोरामिक सनरूफ बहुत कम गाड़ियों में मिलता है, इसलिए यह फीचर विजन एस को अलग बनाता है।
इंटीरियर में नेवी ब्लू और ब्लैक का ड्युअल-टोन थीम दिया गया है। सीटों पर ब्लू एक्सेंट्स का इस्तेमाल किया गया है। रियर सीट्स स्प्लिट-फोल्डिंग टाइप की हैं जिससे बूट स्पेस बढ़ाया जा सकता है। डोर पॉकेट्स, कप होल्डर्स और स्टोरेज कम्पार्टमेंट्स भी दिए गए हैं।
प्लेटफॉर्म और इंजन ऑप्शन्स
महिंद्रा विजन एस को कंपनी के नए एनयू_आईक्यू मॉड्यूलर प्लेटफॉर्म पर बनाया जा रहा है। यह बेहद वर्सेटाइल प्लेटफॉर्म है जो कई तरह के पावरट्रेन को सपोर्ट कर सकता है। इसमें पेट्रोल, डीजल, हाइब्रिड और पूरी तरह से इलेक्ट्रिक – सभी ऑप्शन दिए जा सकते हैं। साथ ही यह फ्रंट-व्हील ड्राइव और ऑल-व्हील ड्राइव दोनों कॉन्फिगरेशन में आ सकता है।
एक खास बात यह है कि यह प्लेटफॉर्म लेफ्ट-हैंड और राइट-हैंड ड्राइव दोनों को सपोर्ट करता है। इसका मतलब है कि महिंद्रा इस गाड़ी को इंटरनेशनल मार्केट में भी लॉन्च करने की योजना बना रही है।
पेट्रोल इंजन के रूप में 1.2-लीटर टर्बो-पेट्रोल या 2.0-लीटर एमस्टैलियन इंजन दिया जा सकता है। डीजल वेरिएंट में 1.5-लीटर टर्बो-डीजल या 2.2-लीटर एमहॉक डीजल इंजन के ऑप्शन हो सकते हैं। हाल की स्पाई तस्वीरों से पता चला है कि डीजल ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन भी मिलेगा। यह बहुत बड़ी बात है क्योंकि सब-4 मीटर सेगमेंट में डीजल ऑटोमैटिक कॉम्बिनेशन बहुत कम गाड़ियों में मिलता है।
इलेक्ट्रिक वेरिएंट में 59 किलोवाट-ऑवर या 79 किलोवाट-ऑवर की बैटरी पैक दी जा सकती है। इससे अच्छी ड्राइविंग रेंज मिलेगी। प्लेटफॉर्म का फ्लैट-फ्लोर डिजाइन भी बहुत खास है। यह आईसीई गाड़ी के लिए सेगमेंट-फर्स्ट फीचर होगा।
फीचर्स और टेक्नोलॉजी
महिंद्रा विजन एस में आधुनिक फीचर्स भरपूर मात्रा में दिए जाने की उम्मीद है। इसमें लेवल 2 एडीएएस (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) दिया जा सकता है जो सेफ्टी को बढ़ाएगा। 360-डिग्री सराउंड कैमरा, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (टीपीएमएस), इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक विद ऑटो-होल्ड जैसे फीचर्स भी मिल सकते हैं।
इन्फोटेनमेंट सिस्टम में वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो का सपोर्ट होगा। ड्राइव मोड्स भी दिए जाएंगे जिनसे अलग-अलग रोड कंडीशन के हिसाब से गाड़ी की परफॉर्मेंस को एडजस्ट किया जा सकता है। वेंटिलेटेड सीट्स, क्रूज कंट्रोल, ऑटो डिमिंग आईआरवीएम, रेन सेंसिंग वाइपर और पुश बटन स्टार्ट जैसे कम्फर्ट फीचर्स की भी उम्मीद है।
सेफ्टी के लिए विजन एस में छह एयरबैग्स स्टैंडर्ड के रूप में दिए जा सकते हैं। महिंद्रा इस गाड़ी के लिए फाइव-स्टार जीएनसीएपी रेटिंग का लक्ष्य रख सकती है क्योंकि कंपनी इसे इंटरनेशनल मार्केट में भी लॉन्च करने की योजना बना रही है।
सेगमेंट पोजिशनिंग और कॉम्पिटिशन
महिंद्रा विजन एस को लाइफस्टाइल-फोकस्ड सब-4 मीटर एसयूवी के रूप में पोजिशन किया जा रहा है। यह महिंद्रा के एसयूवी पोर्टफोलियो में एक्सयूवी 3एक्सओ और स्कॉर्पियो क्लासिक के बीच फिट होगी। लेकिन इसकी टार्गेट ऑडियंस अलग है – यह उन खरीदारों के लिए है जो रगड लुक और ऑफ-रोड कैपेबिलिटी चाहते हैं।
इस सेगमेंट में मारुति ब्रेजा, हुंडई वेन्यू, किआ सोनेट, टाटा नेक्सॉन जैसी गाड़ियां हैं। लेकिन विजन एस इन सबसे अलग होगी क्योंकि इसका फोकस फैमिली-ओरिएंटेड क्रॉसओवर की बजाय लाइफस्टाइल एसयूवी पर है। इसका सबसे करीबी राइवल नई टाटा सिएरा होगी जो भी बॉक्सी डिजाइन और रगड लुक के साथ आएगी।
कई लोग इसे “बेबी स्कॉर्पियो” के नाम से बुला रहे हैं क्योंकि इसका डिजाइन महिंद्रा स्कॉर्पियो एन से मिलता-जुलता है। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसे स्कॉर्पियो स्पोर्ट्स, बोलेरो नियो 2.0 या थार स्पोर्ट्स के नाम से भी लॉन्च किया जा सकता है। हालांकि अभी तक कंपनी ने आधिकारिक नाम की घोषणा नहीं की है।
प्राइस और लॉन्च डेट
महिंद्रा विजन एस की कीमत 9.30 लाख रुपये से लेकर 17.50 लाख रुपये के बीच रहने की उम्मीद है। यह एक्स-शोरूम प्राइस होगी जो अलग-अलग वेरिएंट के हिसाब से बदलेगी। बेस पेट्रोल मॉडल सबसे सस्ता होगा जबकि टॉप-एंड डीजल ऑटोमैटिक या इलेक्ट्रिक वेरिएंट सबसे महंगा होगा।
कंपनी ने अभी तक आधिकारिक लॉन्च डेट की घोषणा नहीं की है। लेकिन इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह गाड़ी 2026 के मध्य से लेकर 2027 के बीच में लॉन्च हो सकती है। कुछ सोर्सेज के अनुसार जून 2026 में इसे बाजार में उतारा जा सकता है, जबकि कुछ का मानना है कि 2027 की शुरुआत में लॉन्च होगी।
टेस्टिंग की रफ्तार देखते हुए ऐसा लगता है कि यह प्रोडक्शन के काफी करीब पहुंच चुकी है। गाड़ी को लगातार भारतीय सड़कों पर टेस्टिंग के दौरान देखा जा रहा है। हाल ही में लेह में भी इसे स्पॉट किया गया था जो इसकी ऑफ-रोड कैपेबिलिटी की टेस्टिंग का संकेत है।
महिंद्रा की फ्यूचर प्लानिंग
विजन एस उन चार कॉन्सेप्ट एसयूवी में से एक है जिन्हें महिंद्रा ने 15 अगस्त 2025 को अपने फ्रीडम एनयू इवेंट में दिखाया था। बाकी तीन कॉन्सेप्ट्स विजन टी, विजन एसएक्सटी और विजन एक्स हैं। इन चारों में से विजन एस को सबसे पहले प्रोडक्शन में लाया जाएगा।
विजन टी एक लार्जर एसयूवी है जो सात सीटर होगी। विजन एसएक्सटी एक प्रीमियम मिड-साइज एसयूवी है। विजन एक्स एक अर्बन-फोकस्ड कॉम्पैक्ट एसयूवी है जो टेक्नोलॉजी और स्टाइल पर फोकस करती है। इन सभी गाड़ियों को एनयू_आईक्यू प्लेटफॉर्म पर बनाया जा रहा है।
एनयू_आईक्यू प्लेटफॉर्म महिंद्रा की भविष्य की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस प्लेटफॉर्म की वर्सेटिलिटी से कंपनी अलग-अलग सेगमेंट में तेजी से नई गाड़ियां लॉन्च कर सकेगी। यह प्लेटफॉर्म मोनोकॉक चेसिस पर आधारित है जो हल्का और मजबूत दोनों है।
महिंद्रा सब-4 मीटर सेगमेंट में अपनी मौजूदगी को मजबूत करना चाहती है। फिलहाल इस सेगमेंट में कंपनी के पास एक्सयूवी 3एक्सओ और थार हैं। विजन एस के आने से कंपनी की पोर्टफोलियो और विस्तृत हो जाएगी। यह उन ग्राहकों को टार्गेट करेगी जो स्टाइलिश और रगड एसयूवी चाहते हैं।
क्यों खास है विजन एस
महिंद्रा विजन एस कई मायनों में खास है। सबसे पहले तो इसका डिजाइन बहुत यूनिक है। सब-4 मीटर सेगमेंट में ज्यादातर गाड़ियां कर्वी और गोल-मटोल डिजाइन की हैं। लेकिन विजन एस का बॉक्सी और अपराइट स्टांस इसे बिल्कुल अलग बनाता है। यह डिजाइन लैंड रोवर डिफेंडर से प्रेरित है जो एक आइकॉनिक ऑफ-रोडर है।
दूसरी खास बात है इसकी मल्टी-एनर्जी कैपेबिलिटी। एक ही प्लेटफॉर्म पर पेट्रोल, डीजल, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक – सभी ऑप्शन मिलेंगे। इससे ग्राहकों को अपनी जरूरत के हिसाब से चुनने का मौका मिलेगा। जो लोग लंबे रूट पर जाते हैं वे डीजल ले सकते हैं, जो सिटी में ज्यादा चलते हैं वे पेट्रोल या इलेक्ट्रिक ले सकते हैं।
तीसरी बड़ी बात है डीजल ऑटोमैटिक का ऑप्शन। सब-4 मीटर सेगमेंट में यह कॉम्बिनेशन बहुत कम गाड़ियों में मिलता है। ज्यादातर कंपनियां डीजल में सिर्फ मैनुअल ट्रांसमिशन देती हैं। विजन एस में डीजल ऑटो मिलने से शहर में ड्राइविंग बहुत आरामदायक होगी।
चौथी खासियत है पैनोरामिक सनरूफ। यह फीचर इस सेगमेंट में बहुत रेयर है। फुल-लेंथ ग्लास रूफ से केबिन में खुलापन और प्रीमियम फील आता है। यह खासतौर पर परिवार के साथ लंबी ड्राइव पर जाने वालों के लिए बहुत अच्छा फीचर है।
पांचवीं बात है इसकी ऑफ-रोड कैपेबिलिटी। हाई ग्राउंड क्लीयरेंस, रबस्ट सस्पेंशन, और संभावित एडब्ल्यूडी ऑप्शन से यह गाड़ी कच्ची सड़कों और ऑफ-रोड कंडीशन में भी अच्छी परफॉर्मेंस देगी। टेलगेट-माउंटेड स्पेयर व्हील और स्किड प्लेट्स इसकी एडवेंचरस नेचर को दर्शाते हैं।
मार्केट में असर
विजन एस के लॉन्च से सब-4 मीटर एसयूवी सेगमेंट में काफी हलचल होगी। यह सेगमेंट भारतीय ऑटो मार्केट का सबसे बड़ा और सबसे कॉम्पिटिटिव सेगमेंट है। यहां पर मारुति, हुंडई, किआ, टाटा, निसान जैसी बड़ी कंपनियों की गाड़ियां पहले से मौजूद हैं।
महिंद्रा विजन एस एक नया विकल्प लेकर आएगी जो मौजूदा गाड़ियों से काफी अलग होगी। इसका लाइफस्टाइल-फोकस्ड एप्रोच एक नए तरह के कस्टमर को आकर्षित करेगा। खासतौर पर युवा खरीदार जो स्टाइल और एडवेंचर दोनों चाहते हैं, इस गाड़ी की तरफ आकर्षित होंगे।
कंपनी की स्कॉर्पियो और थार ब्रांड की मजबूत रेपुटेशन भी विजन एस को फायदा देगी। महिंद्रा को टफ और भरोसेमंद एसयूवी बनाने के लिए जाना जाता है। विजन एस भी इसी विरासत को आगे बढ़ाएगी।
अगर कीमत सही रही तो यह गाड़ी अच्छी बिक्री कर सकती है। 9-17 लाख की रेंज में यह कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग होगी। खासतौर पर अगर फीचर्स और बिल्ड क्वालिटी अच्छी रही तो यह वैल्यू-फॉर-मनी प्रपोजिशन होगी।
टेक्निकल एडवांसमेंट
एनयू_आईक्यू प्लेटफॉर्म की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी विजन एस को कई फायदे देगी। फ्लैट-फ्लोर डिजाइन से केबिन स्पेस बेहतर मिलेगा। पैसेंजर्स को ज्यादा लेग रूम और हेड रूम मिलेगा। साथ ही बूट स्पेस भी अच्छा होगा क्योंकि फ्लोर में कोई ट्रांसमिशन टनल नहीं होगी।
प्लेटफॉर्म का मॉड्यूलर नेचर मेंटेनेंस को भी आसान बनाएगा। अलग-अलग कंपोनेंट्स को आसानी से रिप्लेस किया जा सकता है। इससे सर्विसिंग कॉस्ट भी कम रहेगी। साथ ही कंपनी के लिए भी प्रोडक्शन आसान होगी क्योंकि एक ही प्लेटफॉर्म से कई वेरिएंट बनाए जा सकते हैं।
सस्पेंशन सेटअप भी एडवांस्ड होगा। महिंद्रा ने इसकी टेस्टिंग में काफी मेहनत की है। लेह जैसे मुश्किल इलाकों में टेस्ट करने से पता चलता है कि कंपनी इसकी ऑफ-रोड कैपेबिलिटी को लेकर गंभीर है। सस्पेंशन खराब सड़कों पर भी कम्फर्ट देगा और ऑफ-रोड पर ड्यूरेबिलिटी।
इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर भी मॉडर्न होगा। नई जेनरेशन की कनेक्टिविटी फीचर्स, ओवर-द-एयर अपडेट की संभावना, और एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम – ये सब तभी संभव हैं जब इलेक्ट्रिकल सिस्टम एडवांस्ड हो।
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