Yamaha RX 110

90 के दशक की रानी फिर सड़कों पर! Yamaha RX 110 को लेकर बड़ा अपडेट

यामाहा RX 110 एक ऐसा नाम है जो भारत में मोटरसाइकिल प्रेमियों के दिलों में आज भी खास जगह रखता है। यह बाइक 1980 और 1990 के दशक में भारतीय सड़कों पर राज करती थी। आज भी जब पुरानी बाइक्स की बात होती है तो RX 110 का जिक्र जरूर होता है। यह बाइक न सिर्फ एक वाहन थी बल्कि उस दौर के युवाओं का एक सपना थी।

RX 110 का इतिहास और शुरुआत

यामाहा RX 110 को भारत में 1985 में लॉन्च किया गया था। उस समय भारतीय बाजार में ज्यादातर कम पावर वाली बाइक्स थीं। यामाहा ने RX 110 के साथ एक नया ट्रेंड शुरू किया। यह बाइक दो स्ट्रोक इंजन के साथ आती थी जो उस समय के हिसाब से बहुत पावरफुल मानी जाती थी। कंपनी ने इस बाइक को खासतौर पर भारतीय युवाओं को ध्यान में रखकर बनाया था।

RX 110 का पूरा नाम यामाहा RX 110 था और यह RX सीरीज की पहली बाइक थी। इस सीरीज में बाद में RX 100, RX 135 और RXZ जैसे मॉडल भी आए। लेकिन RX 110 ने एक अलग ही पहचान बनाई। यह बाइक यामाहा इंडिया की सबसे सफल बाइक्स में से एक बनी।

डिजाइन और लुक्स

RX 110 का डिजाइन उस समय के हिसाब से काफी स्पोर्टी और आकर्षक था। बाइक का स्ट्रीमलाइन बॉडी डिजाइन था जो इसे तेज दिखाता था। आगे की तरफ एक गोल हेडलाइट थी जो उस दौर की ज्यादातर बाइक्स में देखने को मिलती थी। लेकिन RX 110 का टैंक डिजाइन और साइड पैनल इसे अलग बनाते थे।

Yamaha RX 110
Yamaha RX 110

बाइक में पतली और लंबी सीट थी जो राइडर को स्पोर्टी पोजीशन देती थी। हैंडलबार थोड़ा नीचे और आगे की तरफ था जिससे राइडिंग पोजीशन एग्रेसिव होती थी। पीछे की तरफ एक छोटा सा कैरियर था जो जरूरत के हिसाब से काम आता था। एग्जॉस्ट पाइप भी स्पोर्टी डिजाइन का था जो बाइक की पर्सनालिटी को और निखारता था।

इंजन और परफॉर्मेंस

RX 110 की सबसे बड़ी खासियत इसका इंजन था। यह 106cc का दो स्ट्रोक इंजन था जो उस समय के हिसाब से काफी पावरफुल था। यह इंजन लगभग 11 भारतीय हॉर्सपावर की पावर देता था। यह आंकड़ा आज के समय में कम लग सकता है लेकिन 1980 के दशक में यह काफी अच्छा था।

दो स्ट्रोक इंजन की खासियत यह थी कि यह बहुत तेज एक्सीलरेशन देता था। RX 110 को शुरू करने के लिए किक स्टार्ट का इस्तेमाल होता था। इंजन की आवाज भी काफी खास थी जो इस बाइक को पहचान दिलाती थी। यह बाइक लगभग 90-100 किलोमीटर प्रति घंटे की टॉप स्पीड पकड़ सकती थी।

मेलेज के मामले में RX 110 उतनी अच्छी नहीं थी। यह लगभग 30-35 किलोमीटर प्रति लीटर की औसत देती थी। लेकिन उस समय के युवाओं के लिए मेलेज से ज्यादा परफॉर्मेंस मायने रखती थी। बाइक का वजन भी कम था जो इसकी हैंडलिंग को बेहतर बनाता था।

राइडिंग एक्सपीरियंस

RX 110 की राइडिंग काफी रोमांचक थी। दो स्ट्रोक इंजन की वजह से यह बाइक बहुत जल्दी स्पीड पकड़ती थी। थ्रॉटल खोलते ही बाइक आगे की तरफ झटके से निकलती थी। यह फीलिंग राइडर्स को बहुत पसंद आती थी। शहर की सड़कों पर यह बाइक बहुत अच्छी तरह चलती थी।

सस्पेंशन सिस्टम भी अच्छा था जो छोटे-मोटे गड्ढों को आसानी से संभाल लेता था। ब्रेकिंग के लिए आगे और पीछे दोनों तरफ ड्रम ब्रेक थे। ब्रेक्स की परफॉर्मेंस अच्छी थी लेकिन आज की तुलना में कम इफेक्टिव थे। लेकिन उस समय के हिसाब से यह काफी था।

लंबी राइड्स के लिए भी यह बाइक अच्छी थी। हालांकि सीट थोड़ी सख्त थी लेकिन राइडिंग पोजीशन कम्फर्टेबल थी। हाईवे पर भी यह बाइक अच्छा परफॉर्म करती थी। हवा का रेजिस्टेंस कम था जिससे हाई स्पीड पर भी बाइक स्टेबल रहती थी।

लोकप्रियता और बाजार में सफलता

RX 110 भारत में बहुत जल्दी लोकप्रिय हो गई। खासकर कॉलेज जाने वाले युवाओं में यह बाइक बहुत पसंद की जाती थी। इसकी परफॉर्मेंस और स्पोर्टी लुक्स ने इसे युवाओं की पहली पसंद बना दिया। शहरों में यह बाइक हर जगह दिखाई देती थी।

उस समय RX 110 की कीमत लगभग 12000 से 15000 रुपये के बीच थी। यह कीमत उस समय के हिसाब से मध्यम श्रेणी में थी। लेकिन जो परफॉर्मेंस यह बाइक देती थी उसके हिसाब से यह कीमत उचित मानी जाती थी। कई परिवारों ने अपनी पहली बाइक के रूप में RX 110 को चुना।

बाइक की बिक्री के आंकड़े भी बहुत अच्छे थे। यामाहा ने लाखों यूनिट्स इस बाइक की बेचीं। हर साल नए कलर ऑप्शन और माइनर अपडेट्स के साथ यह बाइक आती रहती थी। ब्लैक, रेड, ब्लू जैसे कई कलर्स में यह उपलब्ध थी।

मेंटेनेंस और सर्विसिंग

RX 110 की मेंटेनेंस भी काफी आसान थी। दो स्ट्रोक इंजन होने की वजह से इसके पार्ट्स कम थे और सर्विसिंग सरल थी। लेकिन दो स्ट्रोक इंजन में ऑयल मिक्सचर का ध्यान रखना जरूरी था। पेट्रोल के साथ सही अनुपात में दो स्ट्रोक ऑयल मिलाना पड़ता था।

सर्विस सेंटर्स में भी इस बाइक की सर्विसिंग आसानी से हो जाती थी। स्पेयर पार्ट्स भी आसानी से मिल जाते थे। सर्विसिंग का खर्च भी ज्यादा नहीं था। साधारण मेंटेनेंस तो खुद भी किया जा सकता था। कई लोग अपनी बाइक की छोटी-मोटी मरम्मत खुद ही कर लेते थे।

प्लग की सफाई, चेन की ग्रीसिंग, ब्रेक एडजस्टमेंट जैसे काम बहुत आसान थे। इंजन की ट्यूनिंग भी मैकेनिक्स आसानी से कर देते थे। बाइक की ड्यूरेबिलिटी भी अच्छी थी। अगर सही तरीके से देखभाल की जाए तो यह बाइक लंबे समय तक चलती थी।

प्रतिस्पर्धी बाइक्स

उस समय बाजार में RX 110 की कुछ प्रतिस्पर्धी बाइक्स भी थीं। हीरो होंडा CD 100 और बजाज चेतक जैसी बाइक्स लोकप्रिय थीं। लेकिन ये बाइक्स परफॉर्मेंस के मामले में RX 110 से पीछे थीं। CD 100 मेलेज के मामले में बेहतर थी लेकिन स्पीड और एक्सीलरेशन में RX 110 आगे थी।

TVS और सुजुकी की कुछ बाइक्स भी थीं लेकिन RX 110 का क्रेज अलग था। इंडियन मार्केट में दो स्ट्रोक बाइक्स की कमी थी और RX 110 ने इस गैप को भरा। यह बाइक परफॉर्मेंस प्रेमियों की पहली पसंद बनी।

बाद में यामाहा ने खुद ही RX 100 लॉन्च की जो RX 110 से भी ज्यादा पॉपुलर हुई। RX 100 में कुछ सुधार थे और यह भी दो स्ट्रोक इंजन के साथ आती थी। RX 135 और भी पावरफुल थी। लेकिन RX 110 की अपनी खास जगह थी।

RX 110 का अंत और बंद होना

दो स्ट्रोक इंजन वाली बाइक्स धीरे-धीरे पॉल्यूशन नियमों की वजह से बंद होने लगीं। दो स्ट्रोक इंजन ज्यादा धुआं निकालते थे और पर्यावरण के लिए हानिकारक थे। सरकार ने सख्त पॉल्यूशन नियम बनाए जिसकी वजह से दो स्ट्रोक बाइक्स का प्रोडक्शन बंद होना शुरू हुआ।

1990 के दशक के अंत में RX 110 का प्रोडक्शन धीरे-धीरे कम हो गया। यामाहा ने नए मॉडल्स लॉन्च किए जो चार स्ट्रोक इंजन के साथ थे। ये बाइक्स पर्यावरण के अनुकूल थीं और बेहतर मेलेज देती थीं। लेकिन पुरानी RX सीरीज का जादू इन नई बाइक्स में नहीं था।

आखिरकार 2000 के शुरुआती दौर में RX 110 और दूसरी दो स्ट्रोक बाइक्स पूरी तरह बंद हो गईं। यह भारतीय बाइकर्स के लिए एक दुखद समय था। लेकिन पर्यावरण की सुरक्षा के लिए यह जरूरी था। आज भी कई लोग उन दिनों को याद करते हैं।

आज के समय में RX 110

आज के समय में RX 110 एक क्लासिक बाइक बन चुकी है। पुरानी बाइक्स के शौकीन लोग इसे ढूंढते हैं और इसका कलेक्शन रखते हैं। जो बाइक्स अच्छी हालत में हैं वे काफी कीमती मानी जाती हैं। रेस्टोरेशन का काम भी किया जाता है जिसमें पुरानी RX 110 को नए जैसा बनाया जाता है।

सोशल मीडिया पर RX 110 और दूसरी पुरानी यामाहा बाइक्स के कई ग्रुप्स हैं। यहां लोग अपने अनुभव शेयर करते हैं और बाइक की तस्वीरें पोस्ट करते हैं। पुरानी यादें ताजा होती हैं। कई लोग बताते हैं कि कैसे उनकी पहली बाइक RX 110 थी।

कुछ एंथूजियास्ट आज भी अपनी पुरानी RX 110 को दौड़ाते हैं। स्पेयर पार्ट्स मिलना मुश्किल हो गया है लेकिन कुछ दुकानें अभी भी पुराने पार्ट्स रखती हैं। कुछ लोग रेप्लिका पार्ट्स भी बनवाते हैं। यह बाइक सिर्फ एक वाहन नहीं बल्कि भावनाओं से जुड़ी है।

विरासत और प्रभाव

RX 110 ने भारतीय मोटरसाइकिल इंडस्ट्री पर गहरा प्रभाव डाला। इसने दिखाया कि भारतीय युवा परफॉर्मेंस बाइक्स में दिलचस्पी रखते हैं। इसके बाद कई कंपनियों ने परफॉर्मेंस ओरिएंटेड बाइक्स लॉन्च कीं। यामाहा की RX सीरीज ने एक नई दिशा दी।

आज की स्पोर्ट्स बाइक्स की नींव कहीं न कहीं RX 110 जैसी बाइक्स ने रखी। यह बाइक एक आइकन बन गई। फिल्मों और गानों में भी इसका जिक्र होता है। पुराने दौर की बात होते ही RX 110 की याद आती है।

यामाहा ने भारत में अपनी पहचान बनाने में RX सीरीज का इस्तेमाल किया। आज भी यामाहा परफॉर्मेंस बाइक्स के लिए जानी जाती है। RX 110 ने इस ब्रांड इमेज को बनाने में अहम भूमिका निभाई। यह विरासत आज भी जीवित है।

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